महोपनिषद्
स्वरूप
(महाेपनिषद्बाट अनुप्रेषित)
यो सामवेदीय उपनिषद् हो । यसमा छ अध्याय छन् । प्रत्येक अध्यायको निचोड यसप्रकार रहेको छ :-[१]
| क्र.सं. | अध्याय | अध्यायको निचोड | ||
|---|---|---|---|---|
| १ | प्रथम अध्याय | सृष्टिको उत्पत्ति-वर्णन | ||
| २ | द्वितीय अध्याय | जीवन मुक्ति र देहमुक्तिको स्वरूप | ||
| ३ | तृतीय अध्याय | वैराग्य-वर्णन | ||
| ४ | चतुर्थ अध्याय | आत्मज्ञानको उपदेश | ||
| ५ | पञ्चम अध्याय | अज्ञान र ज्ञान सम्बन्धी सात भूमिकाको चर्चा | ||
| ६ | षष्ठ अध्याय | शून्य नै प्रकृति, माया, ब्रह्म, शिव, पुरुष, ईशान तथा नित्य आत्माका नामले चिनिन्छ भन्ने कुराको उपदेश |
सन्दर्भ सूची
[सम्पादन गर्नुहोस्]- ↑ कल्याण उपनिषद् अङ्क (११ औँ पुनर्मुद्रण २०६८ ), महोपनिषद् गीताप्रेस गोरखपुर भारत