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विकिपिडिया, एक स्वतन्त्र विश्वकोशबाट

महाभारतका पर्व,उपपर्व, अध्याय र श्लोक सङ्ख्या

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विषय– परिचय, भरतवंशको वर्णन, कुरु राजकुमारको जन्म र युवा अवस्थाका घटनाहरुको विवरण ।

अध्याय संख्या २२७, श्लोक संख्या ७९००

१. अनुक्रमणिका

२. पर्वसंग्रह

३. पौष्य

४.पौलोम

५.आस्तीक

६.अंशावतार

७.सम्भाव

८.जतुगृह

९.हिडिम्बवध

१०.बकवध

११.चैत्ररथ

१२.स्वयंवर पर्व

१३.वैवाहिक

१४.विदुरागमन राज्यलम्भ

१५.अर्जुनवनवास

१६.सुभद्राहरण

१७.हरणाहरण

१८.खाण्डवदाह १९.मयदर्शन

विषय– इन्द्रप्रस्थमा विशेष वास्तुको सभा भवनको निर्माण, हस्तिनापुरमा जुआ, पाण्डवहरुको बनवास

अध्याय संख्या ७८, श्लोक संख्या २५११

२०. सभाक्रिया

२१. लोकपालसभाख्यान

२२.राजसूयारम्भ

२३.जरासन्धवध

२४.दिग्विजय

२५.राजसूय

२६ अर्घाभिहरण

२७ शिशुपालवध

२८ द्यूत

२९ अनुद्यूत

विषय– पाण्डवहरुको वनवासका विविध घटनाहरु

अध्याय संख्या २६९, श्लोक संख्या ११६६४

२९ अरण्य

३० किर्मीरवध

३१ अर्जुनाभिगमन

३२ कैरात

३३ इन्द्रलोकाभिगमन

३४ नलोपाख्यान

३५ तीर्थयात्रा

३६ जटासुरवध

३७ यक्षयुद्ध

३८.निवातकवचयुद्ध

३९.अजगर

४० मार्कण्डेयसमस्या

४१.द्रौपदीसत्यभामा

४२.घोषयात्रा

४३.मृगस्वप्नोद्भव

४४.ब्रीहिद्रौणिक

४५.द्रौपदीहरण

४६.जयद्रथविमोक्ष

४७.रामोपाख्यान

४८.पतिव्रतामाहात्म्य

४९.कुण्डलाहरण ५०.आरणेय

४ विराटपर्व

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विषय– राजा विराटको राज्यमा अज्ञातवासको रहस्यपूर्ण बसाईं

अध्याय संख्या ६७,श्लोक संख्या२०५०

५१. पाण्डवप्रवेश

५२. मयपालन पर्व

५३. कीचक वध पर्व

५४.गोहरण पर्व

५५.वैवाहिक पर्व

५ उद्योगपर्व

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विषय– शान्तिका सबै प्रयास विफल र युद्धको तैयारीका अनेक प्रसंग

अध्याय संख्या १८६, श्लोक संख्या६६९८

५६ सेनोद्योग

५७ संजययान

५८ प्रजागर

५९ सनत्सुजात

६० यानसन्धि

६१ भगवद् यान

६२ सैन्यनिर्याण

६३ उलूकदूतागमन

६४ रथातिरथसंख्या

६५ अम्बोपाख्यान

६ भीष्मपर्व

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विषय– महाभारत युद्धको सुरुआत, कर्णलाई युद्ध भूमिमा प्रवेश निषेधको शर्तमा भीष्म कौरव पक्षको सेनापति नियुक्त, गीता उपदेश, भीष्म शर शैयामा ।

अध्याय संख्या ११७, श्लोक संख्या ५८८४

६६ जम्बूखण्डविनिर्माण

६७ भूमि

६८ श्रीमद्भगवद्गीता

६९ भीष्मवध

७ द्रोणपर्व

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विषय– युद्धको निरन्तरता, द्रोणलाई सेनापति नियुक्त, सबभन्दा भीषण युद्ध र द्रोणसहित ठूला योद्धाहरुको मृत्युका घटना

अध्याय संख्या १७०, श्लोक संख्या ८९०९

७० द्रोणाभिषेक

७१ संशप्तकवध

७२ अभिमन्यु वध

७३ प्रतिज्ञा

७४ जयद्रथ वध

७५ घटोत्कच वध

७६ द्रोणवध

७७ नारायणास्त्रमोक्ष

विषय– युद्धको निरन्तरता दुर्योधनलाई कर्णलाई सेनापति नियुक्त, कर्ण वध

अध्याय संख्या ७९, श्लोक ४९६४

७८ कर्ण

विषय युद्ध को अंतिम भाग, कर्णका सारथी रहेका शल्य सेनापति नियुक्त, शल्य वध

अध्याय संख्या ५९, श्लोक३२२०

७९ ह्रदप्रवेश

८० गदा

१० सौप्तिक पर्व

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विषय– अश्वत्थामाद्वारा पाण्डव सेना बांकी जीवित र पांच पाण्डव पुत्रहरुको वध केवल १० जना युद्धबाट जीवित । कौरव पक्षका तीन जना घाइते अश्वत्थामा र कृपका साथ कृतवर्मा तथा पाण्डव पक्षका सात जना जीवित ।

अध्याय संख्या १८ श्लोक ८७०

८१ ऐषीक

११ स्त्री पर्व

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विषय– कौरव पाण्डव सेनाका मृत सैनिकका विधवास्त्रीहरु तथा गान्धारीद्वारा आफ्ना १०० जना पुत्रहरुका लागि शोक

अध्याय संख्या २७, श्लोक ७७५

८२ जलप्रादानिक

८३ विलाप

८४ श्राद्ध

१२ शान्तिपर्व

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विषय– युधिष्ठिर को राज्याभिषेक र भीष्मद्वारा राजधर्मको उपदेश

अध्याय संख्या ३३९ श्लोक १४७३२

८५ राजधर्मानुशासन

८६ आपद्धर्म

८७ मोक्षधर्म

१३ अनुशासनपर्व

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विषय–भीष्मद्वारा अंतिम उपदेश

अध्याय संख्या १८६, श्लोक ८०००

८८ दान धर्म

८९ भीष्मस्वर्गारोहण

१४ अश्वमेधिक पर्व

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विषय–  युधिष्ठिर द्वारा अश्वमेध को आयोजना, कलियुगको प्रवेश

अध्याय संख्या १०३, श्लोक ३३२०

९० अश्वमेध

९१ अनुगीता

९२ वैष्णव

१५ आश्रमवासिकापर्व

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विषय– व्यासको आदेश अनुसार धृतराष्ट्र, गान्धारी र कुन्तीको वनका आश्रमतर्फ प्रस्थान

अध्याय संख्या ८२, श्लोक १५०६

९३ आश्रमवास

९४ पुत्रदर्शन

९५ नारदागमन

१६ मौसुलपर्व

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विषय– साम्बको उटुङ्यापनले गर्दा मुसलको जन्म, ऋषिको शाप, परस्पर युद्ध गरेर यदुकुलको विनाश ।

अध्याय संख्या ८ श्लोक ३२०

९६ मौसुल

१७ महाप्रस्थानिकपर्व

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विषय–  युधिष्ठिर भीम आदि पाण्डवहरुको स्वर्ग गमनको विवरण प्रथम भाग

अध्याय संख्या ३, श्लोक १२३

९७ महाप्रस्थानिक

१८ स्वर्गारोहण पर्व

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विषय– पाण्डवहरुको स्वर्गतिर प्रस्थान

अध्याय संख्या ५, श्लोक २०७

९८ स्वर्गारोहण

खिलभाग हरिवंश

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विषय– महाभारतको परिशिष्ट,  श्रीकृष्णको वंश र चरित्र

अध्याय संख्या २, श्लोक १२०००

९९ विष्णुपर्व

१०० भविष्यपर्व

जम्मा पर्व १८, जम्मा उपपर्व १००, जम्मा अध्याय २५८१,जम्मा श्लोक एक लाख १० हजार

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