शङ्खपुष्पी
स्वरूप
| शङ्खपुष्पी | |
|---|---|
| वैज्ञानिक वर्गीकरण | |
| जगत: | |
| (श्रेणीविहीन): | फूल फुल्ने वनस्पति (एन्जिओस्पर्म) |
| (श्रेणीविहीन): | |
| (श्रेणीविहीन): | |
| गण: | |
| कुल: | |
| वंश: | |
| प्रजाति: | C. pluricaulis |
| वैज्ञानिक नाम | |
| Convolvulus pluricaulis Choisy | |
शँखपुस्पि
[सम्पादन गर्नुहोस्]स्थानीय नाम : शँखपुस्पि ,
'बैगानीक नाम : Convolvulus pluricaulis , Chois'
औषधी को लागि उपयोगी अग : पुरै विरुवा।
औषधी गुण :बौलाहापन मानसीक दोश ,कन्ती र दिमाग वा बुद्धी बढाउन ।
वाली शंकलन समय : आशोज महिना .
शंकलन तथा भण्डारण गर्न तरिका :पुरै बिरुवा शंकलन गरी अन्न्य वस्तु हटाइ धोइ पखाली छाया मा सुकाइ बोरामा पेयक गरी ओभनो हवा स्थान म राखनुपर्छ ।
सेबन वीदी : सोरस १-२ चमच विहान बलकी दुध सङ्घ चुर्न २-३ गराम् मह वा दुध सङ्घ खानी ।
बजार मुल्य :रु ७०\- पर्ती कीलो