फुन्सोग नामग्याल द्वितीय
स्वरूप
| फुन्सोग नामग्याल द्वितीय | |
|---|---|
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| सिक्किमको छोग्याल | |
| शासनकाल | सन् १७३३ – १७८० |
| पूर्वाधिकारी | गुरमेद नामग्याल |
| उत्तराधिकारी | तेन्जिङ नामग्याल |
| जन्म | १७३३ |
| मृत्यु | १७८० |
| सन्तान | तेन्जिङ नामग्याल |
| घराना | नामग्याल वंश |
| बाबु | गुरमेद नामग्याल |
| धर्म | बुद्ध धर्म |
फुन्सोग नामग्याल द्वितीय सिक्किमका पाँचौँ छोग्याल राजा थिए।[१] उनले सन् १७३३ मा गुरमेद नामग्यालको उत्तराधिकारी बने र १७८० मा तेन्जिङ नामग्यालले आफैँलाई उत्तराधिकारी बनाए। उनको शासनकालमा नेपालीहरूले सिक्किमको तत्कालीन राजधानी राब्देन्सेमा आक्रमण गरे।[२]
सन्दर्भ सामग्रीहरू
[सम्पादन गर्नुहोस्]- ↑ "सिक्किम र दार्जिलिङको भू-सांस्कृतिक परिचय", उत्तर बङ्गाल विश्वविद्यालय, अन्तिम पहुँच २७ वैशाख, २०७९। अभिलेखिकरण २०२३-०५-१० वेब्याक मेसिन
- ↑ Sikkim: Past and Present edited by H. G. Joshi
