दिल्ली

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दिल्ली, आधिकारिक रुपमा राष्ट्रिय राजधानी क्षेत्र दिल्ली[१] (अंग्रेजी: National Capital Territory of Delhi) भारतको राजधानी र एक केन्द्र-शासित प्रदेश हो। भारतको राजधानी नयाँ दिल्ली यसमा नै सम्मिलित छ। दिल्ली राजधानी भएकाले केन्द्र सरकारको तीन अंग - कार्यपालिका, संसद र न्यायपालिकाको मुख्यालय नयाँ दिल्ली र दिल्लीमा स्थापित छन्। १४८३ वर्ग किलोमीटरमा फैलिएको दिल्ली जनसंख्या को हिसाबले भारतको दोस्रो सबैभन्दा ठूलो महानगर हो। यहाँको जनसंख्या लगभग १ करोड़ ७० लाख रहेको छ। यहाँ बोलिने मुख्य भाषाहरूमा  : हिन्दी, पंजाबी, उर्दूअंग्रेजी पर्छन्। भारतमा दिल्लीको ऐतिहासिक महत्त्व छ। यसको दक्षिण पश्चिममा अरावली पहाड र पूर्वमा यमुना नदी छ, जसको किनारामा यो सहर अवस्थित छ। यो प्राचीन समय मा गंगाको मैदान हुँदै जाने वाणिज्य पथको बाटोमा पर्ने मुख्य केन्द्र थियो।[२]

यमुना नदीको किनारमा स्थित यस नगरको गौरवशाली पौराणिक इतिहास छ। यो भारतको अति प्राचीन नगर हो। यसको इतिहासको प्रारम्भ सिन्धु घाटी सभ्यतासँग जोडिएको छ। हरियाणाको आसपासको क्षेत्रमा भएको उत्खननमा यसको प्रमाण मिलेको छ। महाभारत कालमा यसको नाम इन्द्रप्रस्थ थियो। दिल्ली सल्तनतको उत्थानको साथसाथ दिल्ली एक प्रमुख राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं वाणिज्यिक शहरको रुपमा उदायो।[३] यहाँ कयौं प्राचीन एवं मध्यकालीन भवन इमारत तथा उनके अवशेषों देख्न सकिन्छ। १६३९ मा मुगल बादशाह शाहजहाँले दिल्लीमा नै एक चारदीवारी बाट घेरिएको शहरको निर्माण गराए जुन १६७९ देखि १८५७ सम्म मुगल साम्राज्यको राजधानी रह्यो।

१८औं एवं १९औं शताब्दीमा ब्रिटिश इस्ट इन्डिया कम्पनीले लगभग सम्पूर्ण भारतमा आफ्नो कब्जामा लिए। कम्पनी सरकारले कोलकातालाई आफ्नो राजधानी बनाएका थिए। १९११ मा अंग्रेजी सरकारले राजधानी दिल्लीमा स्थापित गर्ने निर्णय गर्यो। यसको लागि पुरानो दिल्लीको दक्षिणमा एक नयाँ नगर नयाँ दिल्लीको निर्माण प्रारम्भ भयो। अंग्रेज बाट सन् १९४७ मा स्वतन्त्रता प्राप्त गरिएपछि नयाँ दिल्लीलाई भारतको राजधानी घोषित गरियो।

स्वतन्त्रता प्राप्ति पश्चात् दिल्लीमा विभिन्न क्षेत्रबाट मानिसहरूको प्रवासन भयो, यसबाट दिल्लीको स्वरूपमा आमूल परिवर्तन भयो विभिन्न प्रान्त, धर्म एवं जातिका मानिसहरू दिल्लीमा ओइरिनुको कारण दिल्लीको शहरीकरण त थियो नै साथै यहाँ एक मिश्रित संस्कृतिले पनि जन्म लियो। आज दिल्ली भारतको एक प्रमुख राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं व्यापारिक (वाणिज्यिक) केन्द्र हो।

नामकरण

यस नगरको नाम "दिल्ली" कसरी रह्यो भन्नेमा कुनै निश्चित सन्दर्भ छैन, यद्यपि यो एक प्राचीन राजा "ढिल्लु" सँग सम्बन्धित भएकोमा व्यापक स्वीकार्य छ। केही इतिहासकारका अनुसार यो "देहलीज"को एक विकृत रूप हो। एक अर्को अनुमान अनुसार यस नगरको प्रारम्भिक नाम "ढिलिका" थियो। हिन्दी/प्राकृत "ढीली" पनि यस क्षेत्रको लागि प्रयोग गरिन्छ।

इतिहास

लाल किला

दिल्लीको प्राचीनतम उल्लेख महाभारत नामक महापुराणमा मिल्छ जहाँ यसका उल्लेख प्राचीन इन्द्रप्रस्थको रूपमा गरिएको छ। इन्द्रप्रस्थ महाभारत कालमा पाण्डवको राजधानी थियो।[४] पुरातात्विक रूपबाट इसा पूर्व सय देखि दुई हजारमा दिल्ली र यस आसपास मानव निवास रहेको कुराको ज्ञात हुन्छ।[५]। दिल्लीको इतिहास निकै पुरानो छ करीब ७३० ईसा पूर्वको दौरान मालवाको शासक राजा धन्ना भीलका एक उत्तराधिकारीले दिल्लीको सम्राटलाई चुनौती दिएका थिए। [६]

मौर्य-काल (ईसा पूर्व ३००) बाट यहाँ एक नगरको विकास हुन आरम्भ भयो। महाराज पृथ्वीराज चौहानका दरबारी कवि चन्द बरदाईको हिन्दी रचना पृथ्वीराज रासोमा तोमर राजा अनंगपाललाई दिल्लीको संस्थापक बताइन्छ। उसले नै 'लाल-कोट'को निर्माण गराएको र महरौलीको गुप्त कालीन लौह-स्तंभलाई दिल्ली ल्याइएको विश्वास गरिन्छ। दिल्लीमा तोमर शासनकाल वर्ष सन् ९००-१२०० सम्म मानिन्छ। 'दिल्ली' वा 'दिल्लिका' शब्दको प्रयोग सर्वप्रथम उदयपुरमा प्राप्त शिलालेखमा पाइन्छ। यस शिलालेखको समय वर्ष ११७० निर्धारित गरिएको छ। महाराज पृथ्वीराज चौहानलाई दिल्लीको अन्तिम हिन्दू सम्राट मानिन्छ।

सुधार

१२०६ ई० पश्चात् दिल्ली दिल्ली सल्तनतको राजधानी बन्यो। दिल्ली माथि खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंशलोदी वंश समेत केही अन्य वंशले शासन गरे। ऐसा माना जाता है कि आज की आधुनिक दिल्ली बनने से पहले दिल्ली सात बार उजड़ी और विभिन्न स्थानों पर बसी, जिनके कुछ अवशेष आधुनिक दिल्ली में अब भी देखे जा सकते हैं। दिल्ली के तत्कालीन शासकों ने इसके स्वरूप में कई बार परिवर्तन किया। मुगल बादशाह हुमायूँ ने सरहिन्द के निकट युद्ध में अफ़गानों को पराजित किया तथा बिना किसी विरोध के दिल्ली पर अधिकार कर लिया। हुमायूँ की मृत्यु के बाद हेमू विक्रमादित्य के नेतृत्व में अफ़गानों नें मुगल सेना को पराजित कर आगरा व दिल्ली पर पुनः अधिकार कर लिया। मुगल बादशाह अकबर ने अपनी राजधानी को दिल्ली से आगरा स्थान्तरित कर दिया। अकबर के पोते शाहजहाँ (१६२८-१६५८) ने सत्रहवीं सदी के मध्य में इसे सातवीं बार बसाया जिसे शाहजहाँनाबाद के नाम से पुकारा गया। शाहजहाँनाबाद को आम बोल-चाल की भाषा में पुराना शहर या पुरानी दिल्ली कहा जाता है। प्राचीनकाल से पुरानी दिल्ली पर अनेक राजाओं एवं सम्राटों ने राज्य किया है तथा समय-समय पर इसके नाम में भी परिवर्तन किया जाता रहा था। पुरानी दिल्ली १६३८ के बाद मुग़ल सम्राटों की राजधानी रही। दिल्ली का आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफ़र था जिसकी मृत्यू निवार्सन में ही रंगून में हुई।

दिल्ली के आईटीओ चौराहे का दृश्य, १९५० १८५७ के सिपाही विद्रोह के बाद दिल्ली पर ब्रिटिश शासन के हुकूमत में शासन चलने लगा। १८५७ के इस प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के आंदोलन को पूरी तरह दबाने के बाद अंग्रेजों ने बहादुरशाह ज़फ़र को रंगून भेज दिया तथा भारत पूरी तरह से अंग्रेजो के अधीन हो गया। प्रारम्भ में उन्होंने कलकत्ते (आजकल कोलकाता) से शासन संभाला परन्तु ब्रिटिश शासन काल के अन्तिम दिनों में पीटर महान के नेतृत्व में सोवियत रूस का प्रभाव भारतीय उपमहाद्वीप में तेजी से बढ़ने लगा। जिसके कारण अंग्रेजों को यह लगने लगा कि कलकत्ता जो कि भारत के धुर पूरब में था वहां से अफ़ग़ानिस्तान एवं ईरान आदि पर सक्षम तरीके से आसानी से नियन्त्रण नहीं स्थापित किया जा सकता है आगे चल कर के इसी कारण से १९११ में उपनिवेश राजधानी को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया एवं अनेक आधुनिक निर्माण कार्य करवाए गये। शहर के बड़े हिस्सों को ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स सर एडविन लुटियंस और सर हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किया गया था। १९४७ में भारत की आजादी के बाद इसे अधिकारिक रूप से भारत की राजधानी घोषित कर दिया गया। दिल्ली में कई राजाओं के साम्राज्य के उदय तथा पतन के साक्ष्य आज भी विद्यमान हैं। सच्चे मायने में दिल्ली हमारे देश के भविष्य, भूतकाल एवं वर्तमान परिस्थितियों का मेल-मिश्रण हैं। तोमर शासकों में दिल्ली की स्थापना का श्रेय अनंगपाल को जाता है।

जलवायु, भूगोल और जनसांख्यिकी

दिल्ली-एनसीआर

एनसीआर में दिल्ली से सटे सूबे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई शहर शामिल हैं।[७] एनसीआर में 4 करोड़ 70 से ज्यादा आबादी रहती है। समूचे एनसीआर में दिल्ली का क्षेत्रफल 1,484 स्क्वायर किलोमीटर है। देश की राजधानी एनसीआर का 2.9 फीसदी भाग कवर करती है। एनसीआर के तहत आने वाले क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर,शामली, बागपत, हापुड़ और मुजफ्फरनगर; और हरियाणा के फरीदाबाद, गुड़गांव, मेवात, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, महेंद्रगढ़, भिवाड़ी, जिंद और करनाल जैसे जिले शामिल हैं। राजस्थान से दो जिले - भरतपुर और अलवर एनसीआर में शामिल किए गए हैं।[८]

भौगोलिक स्थिति

दिल्ली में यमुना नदी

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली १,४८४ किमी (५७३ वर्ग माइल) में विस्तृत है, जिसमें से ७८३ किमी (३०२ वर्ग माइल) भाग ग्रामीण और ७०० किमी (२७० वर्ग माइल) भाग शहरी घोषित है। दिल्ली उत्तर-दक्षिण में अधिकतम ५१.९ किमी (३२ माइल) है और पूर्व-पश्चिम में अधिकतम चौड़ाई ४८.४८ किमी (३० माइल) है। दिल्ली के अनुरक्षण हेतु तीन संस्थाएं कार्यरत है:-

  • दिल्ली नगर निगम:विश्व का सबसे बड़ा स्थानीय निकाय है, जो कि अनुमानित १३७.८० लाख नागरिकों (क्षेत्रफल १,३९७.३ किमी वा ५४० वर्ग माइल) को नागरिक सेवाएं प्रदान करती है। यह क्षेत्रफ़ल के हिसाब से भी मात्र टोक्यो से ही पीछे है।"[९]. नगर निगम १३९७ वर्ग कि॰मी॰ का क्षेत्र देखती है। वर्तमान में दिल्ली नगर निगम को तीन हिस्सों में बाट दिया गया है उत्तरी दिल्ली नगर निगम,पूर्वी दिल्ली नगर निगम व दक्षिण दिल्ली नगर निगम।
  • नई दिल्ली नगरपालिका परिषद: (एन डी एम सी) (क्षेत्रफल ४२.७ किमी वा १६ वर्ग माइल) नई दिल्ली की नगरपालिका परिषद् का नाम है। इसके अधीन आने वाला कार्यक्षेत्र एन डी एम सी क्षेत्र कहलाता है।
  • दिल्ली छावनी बोर्ड: (क्षेत्रफल (४३ किमी वा १७ वर्ग माइल)[१०] जो दिल्ली के छावनी क्षेत्रों को देखता है।

दिल्ली एक अति-विस्तृत क्षेत्र है। यह अपने चरम पर उत्तर में सरूप नगर से दक्षिण में रजोकरी तक फैला है। पश्चिमतम छोर नजफगढ़ से पूर्व में यमुना नदी तक (तुलनात्मक परंपरागत पूर्वी छोर)। वैसे शाहदरा, भजनपुरा, आदि इसके पूर्वतम छोर होने के साथ ही बड़े बाज़ारों में भी आते हैं। रा.रा.क्षेत्र में उपर्युक्त सीमाओं से लगे निकटवर्ती प्रदेशों के नोएडा, गुड़गांव आदि क्षेत्र भी आते हैं। दिल्ली की भू-प्रकृति बहुत बदलती हुई है। यह उत्तर में समतल कृषि मैदानों से लेकर दक्षिण में शुष्क अरावली पर्वत के आरम्भ तक बदलती है। दिल्ली के दक्षिण में बड़ी प्राकृतिक झीलें हुआ करती थीं, जो अब अत्यधिक खनन के कारण सूखती चली गईं हैं। इनमें से एक है बड़खल झीलयमुना नदी शहर के पूर्वी क्षेत्रों को अलग करती है। ये क्षेत्र यमुना पार कहलाते हैं, वैसे ये नई दिल्ली से बहुत से पुलों द्वारा भली-भांति जुड़े हुए हैं। दिल्ली मेट्रो भी अभी दो पुलों द्वारा नदी को पार करती है।

दिल्ली २८°३७′N ७७°१४′E / २८.६१°N ७७.२३°E / 28.61; 77.23 पर उत्तरी भारत में बसा हुआ है। यह समुद्रतल से ७०० से १००० फीट की ऊँचाई पर हिमालय से १६० किलोमीटर दक्षिण में यमुना नदी के किनारे पर बसा है। यह उत्तर, पश्चिम एवं दक्षिण तीन तरफं से हरियाणा राज्य तथा पूर्व में उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा घिरा हुआ है। दिल्ली लगभग पूर्णतया गांगेय क्षेत्र में स्थित है। दिल्ली के भूगोल के दो प्रधान अंग हैं यमुना सिंचित समतल एवं दिल्ली रिज (पहाड़ी)। अपेक्षाकृत निचले स्तर पर स्थित मैदानी उपत्यकाकृषि हेतु उत्कृष्ट भूमि उपलब्ध कराती है, हालांकि ये बाढ़ संभावित क्षेत्र रहे हैं। ये दिल्ली के पूर्वी ओर हैं। और पश्चिमी ओर रिज क्षेत्र है। इसकी अधिकतम ऊँचाई ३१८ मी.(१०४३ फी.)[११] तक जाती है। यह दक्षिण में अरावली पर्वतमाला से आरम्भ होकर शहर के पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों तक फैले हैं। दिल्ली की जीवनरेखा यमुना हिन्दू धर्म में अति पवित्र नदियों में से एक है। एक अन्य छोटी नदी हिंडन नदी पूर्वी दिल्ली को गाजियाबाद से अलग करती है। दिल्ली सीज़्मिक क्षेत्र-IV में आने से इसे बड़े भूकम्पों का संभावी बनाती है।[१२]

यो पनि हेर्नुहोस्

सन्दर्भ सामग्रीहरू

  1. "राष्ट्रीय-राजधानी-क्षेत्र-दिल्ली-की-वेबसाइट-देखें", मूलबाट १ जुलाई २०१७-मा सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच १२ जुलाई २०१७ 
  2. Necipoglu, Gulru (२००२) [२००२], "Epigraphs, Scripture, and Architecture in the Early Sultanate of Delhi", Muqarnas: An Annual on the Visual Culture of the Islamic World, BRILL, पृ: 12–43, आइएसबिएन 9004125930, मूलबाट २० सितंबर २०१४-मा सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच १४ मार्च २००९ 
  3. Aitken, Bill (२००१) [२००२], Speaking Stones: World Cultural Heritage Sites in India, Eicher Goodearth Limited, पृ: 264 pages, आइएसबिएन 8187780002, मूलबाट १४ सितंबर २०११-मा सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच १४ मार्च २००९ 
  4. "Chapter 1: Introduction" (PDF), Economic Survey of Delhi, 2005–2006, Planning Department, Government of National Capital Territory of Delhi, पृ: pp1–7, मूलबाट १३ नवंबर २०१६-मा सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच २१ दिसंबर २००६ 
  5. "Delhi History", Delhi Tourism, Advent InfoSoft (P) Ltd, मूलबाट ८ दिसंबर २००६-मा सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच २२ दिसंबर २००६ 
  6. ढाँचा:Shorturl.at/bCYZ6
  7. "एनसीआर में शामिल हुए जींद,करनाल और मुजफ्फरनगर, मथुरा को नहीं मिली मंजूरी", Dainik Bhaskar, ९ जून २०१५, मूलबाट ७ अप्रैल २०१९-मा सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच १ मार्च २०१९ 
  8. डेस्क, एबीपी न्यूज़ वेब (४ जन॰ २०१८), "आप जिस दिल्ली-NCR में रहते हैं, जानिए- उसके बारे में A टू Z जानाकरी", abpnews.abplive.in, मूलबाट ७ अप्रैल २०१९-मा सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच १ मार्च २०१९ 
  9. Municipal Corporation of Delhi: About us [१] वेब्याक मेसिन अभिलेखिकरण २४ मार्च २००९ मिति)
  10. "परिचय", द न्यू देल्ही म्युनिसिपल कॉन्सिल एक्ट १९९४, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, मूलबाट २ मार्च २००८-मा सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच ३ जुलाई २००७ 
  11. मोहन, मदन (अप्रैल २००२), "जीआईएस-बेस्ड स्पैशियल इन्फ़ॉर्मेशन इंटीग्रेशन, मॉडलिंग एण्ड डिजिटल मैपिंग: ए न्यू ब्लेन्ड ऑफ टूल फ़ॉर जियोस्पेशियल एन्वायरेनमेण्टल हेल्थ एनालिसिस फ़ॉर देल्ही रिज" (PDF), स्पैशियल इन्फ़ॉर्मेशन फ़ॉर हेल्थ मॉनीटरिंग एण्ड पॉपुलेशन मैंनेजमेंट, एफ़आईजी XXII अन्तर्राष्ट्रीय कांग्रेस, पृ: पृ. ५, मूलबाट ३१ मई २०१२-मा सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच ३ फ़रवरी २००३  |month= प्यारामिटर ग्रहण गरेन (सहायता)
  12. "हैज़ार्ड प्रोफ़ाइल ऑफ़ इंडियन डिस्ट्रिक्ट्स" (PDF), नेशनल कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोजेक्ट इन डाइज़ास्टार मैंनेजमेण्ट, यूएनडीपी, मूलबाट १९ मई २००६-मा सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच ३१ जुलाई २००९