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आदिपर्व |
१-१९ |
- अनुक्रमणिका पर्व
- पर्वसंग्रह पर्व
- पौष्य पर्व
- पौलोम पर्व
- आस्तीक पर्व
- अंशावतार पर्व
- सम्भाव पर्व
- जतुगृह पर्व
- हिडिम्बवध पर्व
- बकवध पर्व
- चैत्ररथ पर्व
- स्वयंवर पर्व
- वैवाहिक पर्व
- विदुरागमन राज्यलम्भ पर्व
- अर्जुनवनवास पर्व
- सुभद्राहरण पर्व
- हरणाहरण पर्व
- खाण्डवदाह पर्व
- मयदर्शन पर्व।
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२२७/७९०० |
आदि पर्वका प्रारम्भमा महाभारतका पर्वहरू, उपपर्वहरू र तिनको विषयहरूको संक्षिप्त संग्रह छ। यसमा सर्वप्रथम महर्षि उत्तंगको महात्म्य, भृगुवंशको विस्तार , नागहरूको वंश, कद्रू र विनताको कथा, देताहरू-दानवहरू द्वारा समुद्र मंथन, जनमेजयका सर्पसत्रको सूचना,व्यास आदिको उत्पत्ति, देवताहरूका अंशावतरण, दुष्यन्त-शकुन्तलाको कथा, भरतको चरित्र, ययातिका चरित्रको वर्णन, शन्तनु र गंगाको कथा, महर्षि वसिष्ठदेखि शापित वसुहरूको भीष्मका रूप माको जन्म, भीष्म प्रतिज्ञा, कौरवों तथा पाण्डवोंको उत्पत्ति, लाक्षागृहको वृत्तान्त, हिडिम्बको वध र हिडिम्बाको विवाह, बकासुरको वध, धृष्टद्युम्न र द्रौपदीको उत्पत्ति, द्रौपदी-स्वयंवर र विवाह, पाण्डवको हस्तिनापुरमा आगमन, सुन्द-उपसुन्दको कथा, नियम भंगका कारण अर्जुनको वनवास, सुभद्राहरण र विवाह, खाण्डव वनको दहन र इन्द्रप्रस्थको स्थापना वर्णित छ।
चित्र दीर्घा
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वेद व्यासबाट सुनेर भगवान गणेश महभारत लेख्दै
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अर्जुनद्वारा द्रूपद सभामा मत्स्य भेदन
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सूतजीद्वारा महाभारत ऋषि मुनिहरूलाई सुनाउँदै।
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